शिकायत करने वालों से यूं निपटें

हम में से ज्यादातर लोग काम से जुड़े तनाव से वाकिफ हैं, लेकिन जब हमें अपने कलीग की समस्याओं से भी जूझना पड़ता हैं तो परेशान हो जाते हैं। लगातार अपनी शिकायतों का रोना वाले कलीग्स के कारण आपकी एनर्जी बेकार हो जाती है। ऐसा बहुत बार देखने को मिलता है कि जहां कुछ लोग ऑफिस में आपके काम से खुश रहते हैं, वहीं कुछ लोग आपसे जलन रखने वाले भी होते हैं। ऐसे लोग आपकी शिकायत करने का कोई मौका नहीं चूकते। ऐसे में न केवल आपका मन दुखी होता है, बल्कि आपका ध्यान भी काम से हटता है। जिसका सीधा असर आपकी परफॉर्मेंस पर भी पड़ता है। जानते हैं ऐसे लोगों से किस तरह से निपटें-
सुनें
अगर आपके पास समय है और आपके पास किसी की शिकायत सुनने का धैर्य है तो आप उसे राहत दे सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि आप किसी से कुछ भी नहीं कहते हैं और सिर्फ सुनने भर से सामने वाले का मन हल्का हो जाता है। ज्यादातर लोग चाहते हैं कि कोई उनके मन की बात सुन ले। सामने वाले की आधी समस्या तो सिर्फ इससे ही हल हो जाती है।
सही संदर्भ
अगर कलीग को कुछ निर्णयों से परेशानी है तो उसके मुद्दों को कंपनी के संदर्भ में पेश करना चाहिए। आमतौर पर शिकायतें संस्थान के इवेंट्स से शुरू होती हैं। आप बता सकते हैं कि इस वजह से किसी व्यक्ति का प्रमोशन हुआ है या क्यों किसी व्यक्ति को इन्क्रिमेंट मिला है। सही संदर्भ से बात समझ में आ सकती है।
संवाद
इलाज से अच्छा बचाव है। अगर कंपनी में संवाद के लिए स्थान है तो एम्प्लॉइज के मुद्दों को सुलझाया जा सकता है। कंपनी को एम्प्लॉइज से फीडबैक लेकर एक्शन लेने चाहिए।
सुधार की कोशिश
यदि आप किसी के सुपरवाइजर हैं और उसे किसी व्यक्ति से समस्या है तो आप उन दोनों के रिश्तों में सुधार की कोशिश कर सकते हैं। उन्हें बात करने का मौका दें।
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