Job Market: जॉब्स वर्सेज स्किल्ड लेबर की बहस: एक विवेचना

Job Market: कुछ समय पूर्व जयपुर के नगर निगम में सफाईकर्मियों की सरकारी भर्ती निकली थी। इन नौकरियों के लिए न केवल योग्य उम्मीदवारों ने वरन एमबीए, पीएचडी पास कैंडीडेट्स ने भी अप्लाई किया था। इसी प्रकार रेलवे में निकली खलासी की भर्तियों के लिए भी ऊंची डिग्री वाले अभ्यर्थियों ने अप्लाई किया था जिसके बार पूरे देश में बहस छिड़ गई कि आखिर हम किस मार्ग पर चल रहे हैं।
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देखा जाए तो न केवल भारत वरन पूरी दुनिया में ही जॉब्स वर्सेज स्किल्ड लेबर की बहस छिड़ चुकी है। आज नौकरियां इतनी कम हो गई है कि एक-एक नौकरी के लिए सैकड़ों हजारों लोग आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में केवल स्किल्ड युवा ही जॉब पाने में कामयाब हो पा रहे हैं, बाकी को निराशा ही हाथ लग रही है। देखा जाए तो आज के गलाकाट कॉम्पीटिशन के युग में जिसके पास ज्यादा स्किल्स होंगे वहीं जॉब पाने में कामयाब होगा। अगर आप दूसरों से ज्यादा स्किल्ड है, ज्यादा काबिल हैं तो भी आप स्वतः ही अच्छी नौकरी के हकदार बन जाते हैं।
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अगर आज कोई भी युवा जॉब पाना चाहते हैं तो उसके लिए सबसे पहली प्राथमिकता यही होनी चाहिए कि वो ज्यादा से ज्यादा स्किल्स हासिल करें, ज्यादा से ज्यादा योग्य बनें। तभी उसे जॉब लिस्टिंग में फर्स्ट प्रेफरेंस दिया जाएगा। इसके साथ ही दूसरी बात जो युवाओं को जॉब के लिए ध्यान रखनी चाहिए कि जो कुछ आज चल रहा है, उस पर ध्यान न दें वरन उस पर ध्यान केन्द्रित करें जो भविष्य का ट्रेंड होगा। अगर ऐसा करेंगे तो युवा इस जॉब्स वर्सेज स्किल्ड लेबर की बहस को दरकिनार कर अच्छी जॉब पा सकेंगे अन्यथा दुनिया भर के लाखों-करोड़ों युवाओं की तरह उनके सिर पर भी हमेशा तलवार लटकी रहेगी।
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