डीआरडीओ में साइंटिस्ट 'बी' के 41 पदाें पर निकली वैकेंसी, करें आवेदन

DRDO Scientist b recruitment 2018, डीआरडीओ ने साइंटिस्ट 'बी' ( इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग तथा कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग ) के रिक्त 41 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक व याेग्य उम्मीदवार 2 जून 2018 तक आवेदन कर सकते हैं।आवेदन आैर अन्य जानकारी के लिए नीचे दिए गए अधिसूचना विवरण लिंक पर क्लिक करें।

 

DRDO में रिक्त पदाें का विवरणः

• साइंटिस्ट 'बी' (इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग - 22 पद

• साइंटिस्ट 'बी' (कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग)-19 पद

 

डीआरडीओ में साइंटिस्ट 'बी' के रिक्त पदाें पर आवेदन करने के लिए पात्रता मानदंड व शैक्षणिक योग्यता:

• साइंटिस्ट 'बी' (इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) – उम्मीदवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग की डिग्री होनी चाहिए तथा मान्य गेट स्कोर अनिवार्य है।

• साइंटिस्ट 'बी' (कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग)- कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग बी टेक होना चाहिए।

 

डीआरडीओ में साइंटिस्ट 'बी' के रिक्त पदाें पर चयन प्रक्रिया:

अभ्यर्थियों को गेट स्कोर के आधार पर चयन किया जाएगा और आगे के अस्सेस्मेंट के लिए बुलाया जाएगा।

 

डीआरडीओ में साइंटिस्ट 'बी' के रिक्त पदाें पर आवेदन कैसे करें:

योग्य उम्मीदवार संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।आवेदन की अंतिम तिथि विज्ञापन के प्रकाशन की तिथि से 21 दिनों के भीतर अर्थात 2 जून 2018 तक है।

 

अधिसूचना विवरण:

विज्ञापन संख्या: davp/10301/35/1819

महत्वपूर्ण तिथि:

इंटरव्यू की तिथि: विज्ञापन के प्रकाशन की तिथि से 21 दिनों के भीतर अर्थात 2 जून 2018 तक

DRDO Scientist b recruitment notification 2018:

डीआरडीओ ने साइंटिस्ट 'बी' ( इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग तथा कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग ) के रिक्त 41 पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत अधिसूचना यहां क्लिक करें।

 

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ( DRDO ) का परिचयः

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO, डिफेंस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट ऑर्गैनाइज़ेशन) भारत की रक्षा से जुड़े अनुसंधान कार्यों के लिये देश की अग्रणी संस्था है। यह संगठन भारतीय रक्षा मंत्रालय की एक आनुषांगिक ईकाई के रूप में काम करता है। इस संस्थान की स्थापना 1958 में भारतीय थल सेना एवं रक्षा विज्ञान संस्थान के तकनीकी विभाग के रूप में की गयी थी। वर्तमान में संस्थान की अपनी इक्यावन प्रयोगशालाएँ हैं जो इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण इत्यादि के क्षेत्र में अनुसंधान में रत हैं। पाँच हजार से अधिक वैज्ञानिक और पच्चीस हजार से भी अधिक तकनीकी कर्मचारी इस संस्था के संसाधन हैं। यहां राडार, प्रक्षेपास्त्र इत्यादि से संबंधित कई बड़ी परियोजनाएँ चल रही हैं।

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